Order Summary
Department of Revenue,Registration and Land Reforms
Government of Jharkhand
Revenue Case Monitoring System
Financial Year : 2011
Admission DateOrder DateCourt NameCase Number
04-02-201216-07-2025Additional Collector Pakur35

Order Summary:

यह वाद विद्वान उपायुक्त पाकुड़ के न्यायालय आयएम०पी० वाद सं0-72/2002 में दिनांक 30.12.2011 को पारित आदेश द्वारा इसयायालय को प्राप्त हुआ है। मामला संक्षेप में यह है कि पाकुड़ अंचल अन्तर्गत मौजा खपडाजोला के जमाबन्दी सं0-30/31 के दाग सं०-311 अन्तर्गत रकया-००बी०-10-00-00पुर भूमि का विपक्षी नामदवे मध्यान के नाम कायम जमाबंदी को रद्द करने एवं लगान रसीद निर्गत करने पर रोक संबंधी एक मामला विज्ञ अनुमंडल पदाधिकारी पाकुड के न्यायालय में रा०वि० वाद सं0-86/1990-99 चला था। उक्त वयाद में दिनांक-24.11.2000 को पारित आदेश द्वारा प्रश्नगत भूमि की कायम जमाबंदी को रद्द करने का प्रस्ताव विद्वान उपायुक्त, पाकुड़ के न्यायालय में भेजा गया। जहाँ से यह वाद इस न्यायालय को सुनवाई एवं निष्पादन हेतु प्राप्त हुआ है। विपक्षी को प्रस्तुत वाद में सुनवाई / पक्ष रखने हेतु नोटिस निर्गत किया गया। नोटिस प्राप्ति के पश्चात अजय कुमार, पिता स्व० चैतन दास के द्वारा अपने विज्ञ अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होकर कारणपृच्छा दाखिल किया गया। विपक्षी के द्वारा कहा गया कि प्रश्नगत जमाबन्दी अन्तर्गत दाग सं०-311 विगत सर्वे खतियान में दखल खास मालीक कहकर दर्ज है। उक्त भूमि भुतपूर्व जमीन्दार जी०सी० पाण्डेय के द्वारा बसौड़ी के रूप में अर्जीत किया गया। जमीन्दारी उनमुलन के पूर्व भुतपूर्व जमीन्दार के द्वारा प्रश्नगत भूमि की बन्दोवस्ती विपक्षी नामदेव मध्यान के पक्ष में की गयी थी। बन्दोवस्ती के उपरान्त अंचल अधिकारी, पाकुड़ के दाखिल खारिज वाद सं0-106/1980-81 में दिनांक-28 08.1980 को पारित आदेश के द्वारा नामदेव मध्यान के नाम से नामांतरण किया गया। नामांतरण के पश्चात बी०सी० पाण्डेय के द्वारा उक्त नामांतरण के विरुद्ध अनुमंडल पदाधिकारी, पाकुड़ के न्यायालय में अपील वाद स0-055/1980-81 दायर किया गया। उक्त वाद में अनुमंडल पदाधिकारी, पाकुड़ के द्वारा अपील आवेदन को अस्वीकृत करते हुए अंचल अधिकारी, पाकुड़ द्वारा पारित आदेश दिनांक-28.08.1980 को बरकरार रखा गया। तब से आज तक प्रश्नगत भूमि पर विपक्षी एवं उनके वंशजों का दखल कब्जा है। उक्त दाखिल खारिज अपील वाद में पारित आदेश के विरूद्ध कोई रिविजन वाद आज तक दायर नहीं किया गया है। अतः इस वाद के जरिये उक्त नामांतरण वाद में पारित आदेश को निरस्त नहीं किया जा सकता है एवं जमाबन्दी रद्द किया जाना विधिसम्मत नहीं है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित कई न्याय निर्णयों में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि लम्बे समय से चले आ रही जमाबन्दी को राजस्व पदाधिकारी रद नहीं कर सकते है। उनके द्वारा संबंधित कागजात एवं रूलिंग दाखिल किया गया है। सम्पूर्ण अभिलेख का अवलोकन एवं अध्ययन किया गया। अभिलेख में उपलब्ध दाखिल खारिज वाद सं0-106/1980-81 में पारित आदेश से स्पष्ट है कि प्रश्गनत भूमि का नामांतरण विधिवत विपक्षी नामदेव मध्यान के नाम से किया गया था। उक्त आदेश के विरूद्ध विज्ञ अनुमंडल पदाधिकारी, पाकुड़ के न्यायालय में दाखिल खारिज अपील वाद सं0-05क/1980-81 दायर किया गया जिसे विज्ञ अनुमंडल पदाधिकारी, पाकुड़ द्वारा अस्वीकृत करते हुए। अंचल अधिकारी, पाकुड़ के आदेश को बरकरार रखा गया है। उक्त आदेश आज भी प्रभावी है। ऐसी स्थिति में इस वाद की कार्रवाई के जरिये लम्बे समय से कायम जमाबन्दी को रद्द करना उचित प्रतीत नहीं होता है। विपक्षी द्वारा दाखिल रूलिंग से भी यह स्पष्ट होता है कि लम्बे समय से विधिवत कायम जमाबन्दी को रद्द किया जाना उचित नहीं है। उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में वाद की कार्रवाई अस्त (Drop) की जाती है। अंचल अधिकारी, पाकुड़ तदनुसार प्रश्नगत भूमि का लगान विपक्षी के नाम निर्गत करना सुनिश्चित करेंगे।  

Digitally Signed by :Md Ziyaul Ansari

Signed Date :16-07-2025 15:47:28

Remarks :

Time Stamp:16-07-2025 15:47:39