प्रस्तुतवादआवेदकमकसूदआलम, पिता-स्व0 इदरिस खलिफा, मौजा-बिण्ड के आवेदनपरप्रारंभकीगईहै।आवेदक के कथनकासारंाशकिमौजा-बिण्ड, थाना सं0-188 अंतर्गत खाता सं0-67, प्लॉट सं0-288 एवं 240, रकबाक्रमशः 0.31 ए0 एवं 0.28 ए0 कुल रकबा-0.59 ए0 भूमिआवेदक के पूर्वजकरीम खलीफा एवंशहमीर खलिफा के नामसेसर्वे खतियानमेदर्जहै।उक्त खाताकाप्लॉट सं0-240 आवेदक के मांमोईफन खातुनने निबंधितकेवाला के द्वाराविभिन्नव्यक्तियोंकोबिक्रीकीहै, परंतुगुलशनआरा एवंअन्य द्वाराप्रश्नगत खाताकाप्लॉट सं0-288 परदावाकियाजारहाहै।
प्रस्तुतआवेदन के आलोकमेंराजस्वउपनिरीक्षक एवंअंचलनिरीक्षकसेजांचप्रतिवेदनकीमांग की गई।राजस्वउपनिरीक्षक एवंअंचलनिरीक्षककाजांचप्रतिवेदनअभिलेख मेंसंलग्नहै।
प्राप्तप्रतिवेदन के आलोकमेंउभय पक्ष कोअपना-अपनादावापेशकरनेहेतुनोटिस के माध्यम सेसूचितकियागया।उभय पक्ष उपस्थितहुए।
आवेदकप्रथम पक्षमकसूदआलम द्वाराप्रश्नगतभूमिकाअपनेसमर्थनमेंसर्वे खतियान, अपनेमां द्वाराबिक्रीकीगईभूमिकानिबंधितकेवालाप्रस्तुतकियागया।प्रथम पक्ष द्वाराअपनेसमर्थनमेंकहागयाकि खाता सं0-67 के अंतर्गतप्लॉट सं0-240 निबंधितकेवाला के माध्यम सेगुलशनआरा एवंअन्य के बीचमेरीमांमोईफन खातुन के द्वाराबिक्रीकीगईहै, परंतुप्रतिपक्षीगणप्रश्नगत खाताकाप्लॉट सं0-288 परदावाकररहेहै एवंकुछभागमेंकब्जाकरलियागयाहै।
द्वितीय पक्ष/प्रतिपक्षीगणगुलशनआरा एवंअन्यद्वारानिबंधितकेवाला सं0 क्रमशः-4429, दिनांक-03.08.2009, 4222, दिनांक-15.07.2006 एवं 4428, दिनांक-03.08.2006 प्रस्तुतकियागयाहै। उनके द्वाराअपनेसमर्थनमेंकहागयाहैकिविक्रेतामोईफन खातुनसेमौजा-बिण्ड, खाता सं0-67, प्लॉट सं0-240 अंतर्गतगुलशनआरा, साकिन-बिण्डमुहल्ला ने रकबा-0.10 ए0, मो0 अफजल,साकिन-खाप ने रकबा-0.08 ए0 भूमि एवंमो0 साजिद, पिता-मो0 युनुस ने रकबा-0.10 ए0कुल रकबा-0.28 ए0 भूमि क्रय की गईहै।प्रश्नगतभूमिपरहीहमलोगोका दखल-कब्जाहै।
राजस्वउपनिरीक्षक एवंअंचलनिरीक्षक द्वाराप्रस्तुतजांचप्रतिवेदन एवंउभय पक्ष द्वाराप्रस्तुतकागजातोंकाअवलोकनकिया,अवलोकनसेज्ञातहोताहैकिप्रश्नगतमामलामौजा-बिण्ड, थाना सं0-188 अंतर्गतरैयती खाता सं0-67, प्लॉट सं0-240, कुल रकबा-0.28 ए0 भूमिसेसंबंधितहै।प्रश्नगतभूमिआवेदक के पूर्वजकरीम खलिफा वो शहमीर खलिफा के नामसेसर्वे खतियानमेरैयतीदर्जहै।उक्तभूमिकीबिक्रीनिबंधितविक्रय पत्र के माध्यम सेप्रतिपक्षी के पक्ष में समय-समय परकरदीगई, परंतुवर्तमानमेंप्रतिपक्षी क्रय की गईभूमि के प्लॉट सं0-240 के बदलेप्लॉट सं0-288 परअपनादावाकररहेहै।कागजातों के अवलोकनसे यह भीज्ञातहोताहैकिदाखिल-खारिजकेस सं0-253/07-06 के अनुसारपंजी-।। के पृष्ठ सं0-75/6 परक्रेतागुलशनआराकेेनामसे खाता सं0-67, प्लॉट सं0-240, रकबा-0.10 ए0 भूमि की जमाबंदीकायमहै एवंलगानरसीदनिर्गतहै।दाखिल-खारिजकेस सं0-1105/07-08 के अनुसारपंजी-।। के पृष्ठ सं0-139/6 पर मो0 अफजल, पिता-करामतअली, साकिन-खाप के नामसे खाता सं0-67, प्लॉट सं0-240, रकबा-0.08 ए0 भूमि की जमाबंदीकायमहै एवंलगानरसीदनिर्गतहै।दाखिल-खारिजवाद सं0-696/07-08 के अनुसारपंजी-।। के पृष्ठ सं0-109/6 परक्रेता मो0 साजिद, पिता-मो0 युनुस के नामसे खाता सं0-67 प्लॉट सं0-240, रकबा-0.10 ए0 भूमि की जमाबंदीकायमहै।उक्तसे यह स्पष्टहैकिविपक्षीगणआवेदक (प्रथम पक्ष की मॉ) ने खाता सं0-67, प्लॉट सं0-240, रकबा-0.28 ए0 (अठाईस डिसमिल) भूमिप्रतिपक्षीगण के साथबिक्रीकीहै, परंतुप्रतिपक्षीगणप्रश्नगत खाता सं0-67 काप्लॉट सं0-288, रकबा-0.31 ए0 (एकतिस डिसमिल) भूमिपरअनाधिकृतदावाकररहेहै, जबकि उनके द्वाराप्लॉट सं0-288 सेसंबंधितकोईवैद्य कागजातन्यायालय मेंप्रस्तुतनहींकियागयाहै, जिससे यह ज्ञातहोताहैकिविपक्षीगण के पासप्लॉट सं0-288 सेसंबंधितकिसीप्रकारकाराजस्वकागजातउपलब्ध नही है।वर्तमानमेंप्लॉट सं0-288, रकबा-0.31 ए0 (एकतिस डिसमिल) भूमिपरप्रथम पक्ष के दखलमेहै एवंलगानकाभुगतानकियाजारहाहै।
अतः उपरोक्ततथ्यों,राजस्वउपनिरीक्षक/अंचलनिरीक्षककाजांचप्रतिवेदन एवंउभय पक्ष के द्वाराप्रस्तुतकागजातों के आलोकमेंआवेदकप्रथम पक्ष काआवेदनस्वीकृतकियाजाताहै एवंप्रतिपक्षीगणकोआदेशदियाजाताहैकिनिबंधितविक्रय पत्र द्वारा क्रय की गईभूमि खाता सं0-67, प्लॉट सं0-240 परहीअपनादावाकरेंगे।प्लॉट सं0-288 की भूमिपर द्वितीय/विपक्षीगणकास्वामित्वसिद्ध नही होताहै।
वादनिष्पादित।
लेखापित एवंसंशोधित
अंचलअधिकारीअंचलअधिकारी
चतरा।चतरा।